उत्तराखंड में आई ऐसी आफत की अचानक दुकानें बंद कर भागे लोग, और फिर…

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दिल्ली में हिंदू मंदिर तोड़ने का गुस्सा उत्तराखंड में दो समुदायों के बीच मारपीट से निकाला गया. दरअसल गांधी पार्क के सामने एक समुदाय के लोग प्रदर्शन करके वापस लौट रहे थे तभी रास्ते में उनकी टक्कर दूसरे समुदाय के लोगों से हो गई. इस बीच दोनों समुदाओं के आमना-सामना होने पर नारेबाजी होने लगी और नौबत मारपीट तक आ गई. एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी सुनकर दोनों समुदायों के लोग आगबबूला हो गये और फिर क्या ऐसी मारपीट हुई कि पूरे बाजार के लोग अपनी-अपनी दुकान बंद करके भागने लगे.

दोनों समुदायो के नारेबाजी से सड़क जाम हो गई और लोगों का आना-जाना बंद हो गया और जब तक मारपीट शुरु हुई तब तक पुलिस को खबर कर दी गई और फिर क्या मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला और बीच-बचाव कराते हुए दोनों समुदायों को अलग करके समझौता करवाया. वैसे तो पुलिस के लिए इस मोर्चे को निपटाना बहुत मुश्किल था लेकिन पुलिस इस मोर्चे में सफल साबित हुई.

2 जुलाई को पुरानी दिल्ली के लाल कुआं बाज़ार में स्थित ‘गली दुर्गा मंदिर’ में अचानक देर रात पथराव होने लगा था. ये मंदिर मुस्लिम घरों के बीच में बना है. लोगों का कहना है कि दो पहिया वाहनों के खड़ों होने को लेकर विवाद हो रहा था और मामला मंदिर तक पहुंच गया. लोगों का कहना है कि एक मुस्मिल युवक को कुछ लोगों ने पीटा था जो घायल हालत में उस गली की तरफ पहुंचा जहां मंदिर बना था. लड़के को देखकर मॉब लिंचिंग मानकर लोग गली में इकट्ठा होने लगे और पथरबाजी करने लगे.

चावड़ी बाज़ार से लेकर लाल कुआँ बाज़ार तक सभी दुकानों को बंद रखा गया. पूरे दिन भारी संख्या में पुलिस और पैरा मिलिट्री की कुछ कंपनियों को तैनात किया गया. स्थानिय लोगों के अलग-अलग बयान के बाद पुलिस ने उस व्यक्ति को निगरानी में रखा गया जिसके दो पहिया वाहन को लेकर विवाद हुआ. साथ ही उस हिन्दू परिवार से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है जिसे पुलिस ने मारपीट के आरोप में हिरासत में ले रखा है.

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