बारिश में चिकनगुनिया का हो सकता खतरा, बचने के लिए पहले ही इस रामबाण फल का कर लें सेवन

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बारिश के साथ वायरल इंफेक्शन की शुरुआत भी हो चुकी है. बारिश में सबसे ज्यादा लोगों को मच्छरों से खतरा बना रहता है. मच्छर यानि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा…पिछले साल से चिकनगुनिया ने काफी कहर बरपा रखा है. दुख की बात तो ये है कि ज्यादातर लोगों को चिकनगुनिया के लक्षण पता नहीं चल पाते हैं और जब उनके शरीर पर कुछ असर पड़ने लगता है तब तक शायद बहुत देर हो चुकी होती है और फिर डॉक्टर भी उन्हें बचाने में असफल हो जाते हैं. पिछले साल ना जाने कई लोग चिकनगुनिया से अपनी जाने गंवा चुके हैं तो ऐसे में इस बार इस जानलेवा बीमारी को नजरअंदाज ना करके फौरन ही इलाज करवाएं.

अगर बुखार ज्यादा दिन तक ठीक नहीं होता है और बुखार के साथ जोड़ों में दर्द और उल्टियां भी आती हैं तो समझ जायें आप चिकनगुनिया की चपेट में आ चुके हैं. चिकनगुनिया के मरीज का जी मतलाना, थकान, सिर दर्द और दाने जैसे शरीर में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. इन लक्षणों को देखकर फौरन ही डॉक्टर की सलाह लें और घरेलू उपचार से भी इनका बचाव करें.

चिकनगुनिया से बचने के लिए लगातार पत्ते वाली सब्जियों का सेवन करें.यह आहार चिकनगुनिया को तो रोकने में मदद करेगा ही साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा.

चिकनगुनिया को रोकने के लिए सेब और कच्चे केले का सेवन करें, ध्यान रहे ऐसे में तरबूज और संतरे से दूरियां बनाएं. सके साथ ही आप अमरूद, पीली शिमला मिर्च, कीवी और स्ट्रॉबेरीज़ का सेवन भी कर सकते हैं.

इसके अलावा सूप, दाल या ग्रेवी भी ज्यादा से ज्यादा पीएं, बीन्स, मांस या मछली का सूप भी चिकनगुनिया से जल्दी उबरने में मदद करता है.

चिकनगुनिया से उबरने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहिए, ओमेगा 3 फैटी एसिड रक्त के थक्कों को कम करता है और दिमाग के लिए भी अच्छा होता है.

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