उत्तराखंड- बादल फटने से बड़ा नुकसान, 11 मकान ढहने के बाद दहशत में हैं लोग

3
105

बारिश के सीजन में एक तरफ मुंबई, असम में बाढ़ का प्रकोप है तो वहीं उत्तराखंड में अचानक बादल फटने की काफी नुकसान हुआ है. उत्तराखंड में चमोली जिले के गैरसैंण में सुबह बादल फटने से कई मकान, स्कूल बह गया. वहीं इस दौरान लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उफनते नाले से आवासीय मकानों में मलबा घुसने के कारण दरारें पड़ने लगीं हैं और पैदल मार्ग भी पानी में बह गए.

जिले के कपकोट और कांडा में भारी बारिश के कारण 11 मकान ढह गए हैं,लेकिन इससे कोई जनहानि नहीं हुई है. लगातार 24 घंटों की लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों में बाढ़ सी आ गई है. मलबा लोगों के घरों तक पहुंच गया. इससे चार गौशाला और एक स्कूल का किचन क्षतिग्रस्त हो गया. मलबे में तीन मवेशियों के दबने की सूचना है. उफान से गांव की पेयजल लाइन, संपर्क मार्ग और छह छोटी पुलिया बह गईं.

हाल ही में उत्तराखंड में लगातार भूस्खलन की तस्वीरें सामने आई आ चुकी हैं और भूस्खलन से 79 मोटर मार्गों पर वाहनों का आवागमन थम गया है. फिर से बारिश के कारण भूस्खलन भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. रास्तों में मलबा भी इकट्ठा होने लगा है.

मौसम विभाग ने देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चमोली और उत्तरकाशी में भारी बारिश होने की संभावना जताई है. इतना ही नहीं अल्मोड़ा से लेकर रुद्रप्रयाग में भी भारी हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. भूस्खलन के कारण कुमाऊं और गढ़वाल दोनों के ही हालात बेहद खराब हैं. जरूरी सामानों के लिए ग्रामीण अभी प्रशासन पर निर्भर हैं.

3 COMMENTS

LEAVE A REPLY