सावधान! 29 दिसंबर से नहीं देख पायेंगे टीवी, केबल ऑपरेटर्स के लिए बढ़ी परेशानी

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ये तो आप सभी ने सुन ही लिया होगा कि 29 दिसंबर से टीवी देखना महंगा पड़ सकता है. मानी की आज का टाइम इंटरनेट का जमाना है लेकिन अब अगर बुजुर्ग और बच्चों से भी एक यही टीवी देखने का शौक छीन ले लिया जायेगा तो थोड़ा मुश्किल तो होगा लेकिन अगर आपको इसकी जानकारी पता चल जाये कि 29 दिसंबर से क्यों लोकल केबल ऑपरेटर्स हटाये जा रहे हैं और इसकी जगह पर क्या लगवाना होगा. टीवी देखने के लिए जो भी साधन किया जायेगा उसका कितना खर्च आयेगा. क्या पता इससे महंगा आयेगा या फिर सस्ता…इन सब की जानकारी लेने के लिए पूरी पोस्ट जरूर पड़ें, ताकि आने वाली 29 दिसंबर को आपकी टीवी बंद ना हो सके और आप समय से टीवी देखने के लिए इंतेजाम कर लें.

दरअसल अब सभी मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स और लोकक केबल ऑपरेर्टस की जगह पर टैरिफ सिस्टम आ रहा है. टैरिफ सिस्टम के तहत टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स (MSOs) और लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCOs) को टैरिफ सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है.

ये है नया टैरिफ सिस्टम

TRAI के नए सिस्टम के तहत उपभोक्ताओं को अब आजादी मिल सकती है. वो जितने चैनल देखना चाहते हैं उतने का ही भुगतान कर सकते हैं. सिस्टम के तहत एक बुक दी जायेगी उसमें सभी चैनल के रेड दिये होंगे अपनी इच्छानुसार आप अपने मन का ही चैनल लगवा सकते हैं और फालूत के चैनल हटवा भी सकते हैं जिसके आपको पैसे भी नहीं देंगे. अब ये तो उनका नियम है लेकिन इसमें भी लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि एक चैनल पर अगल से पैसे देने से महंगा ज्यादा हो सकता है, तो ये भी जानिए क्या महंगा है या फिर सस्ता है ये नया सिस्टम…

130 में इतने चैनल्स देखने को मिलेंगे

ग्राहकों को नेटवर्क कैपेसिटी फीस के रूप में हर महीने 130 रुपये देने होंगे जिसमें 100 चैनल्स मिलेंगे. 100 चैनलों में ग्राहक की मर्जी के 65 फ्री टू एयर चैनल शामिल होंगे, इसमें दूरदर्शन के 23 चैनल, तीन म्यूजिक चैनल, तीन न्यूज चैनल और तीन मूवी चैनल शामिल होंगे. इसके अलावा अगर वे और चैनल चाहते हैं तो उन्हें अगले 25 चैनलों के लिए 20 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. इसके साथ जो चैनल्स आप चुनेंगे उनकी तय कीमत जुड़ आएगी. TRAI ने चैनलों की कीमत 1 से 19 रुपये के बीच निर्धारित की है.

ऐसे चुन सकते हैं अपने मन का चैनल्स

सभी केबल और DTH सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेश दिया गया है कि वे उपभोक्ताओं को वेबसाइट के जरिए चैनल चुनने और ऑनलाइन पेमेंट करने की फैसिलिटी दें. वेबसाइट पर चैनलों की लिस्ट और कीमत उपलब्ध होगी. इसके अलावा उपभोक्ता कॉल सेंट के जरिए भी चैनल का चुनाव कर सकते हैं. बता दें कि हर प्लेटफॉर्म पर सभी ब्रॉडकास्टर्स द्वारा चैनलों की घोषित कीमत समान होगी, यानी अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर्स के उपभोक्ता एक चैनल देख रहे हैं तो उनका भुगतान भी समान होगा.

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