मोनोपॉज के बाद प्रेग्नेंसी के साथ इन खतरनाक बीमारियों का होता है खतरा, इतने महीने तक पीरियड्स ना आने पर…

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पीरियड्स के दौरान ही नहीं बल्कि पीरियड्स हमेशा के लिए खत्म होने यानि मोनोपॉज के दौरान भी महिलाओं को मानसिक और शारीरिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है. 45 की उम्र या इससे ज्यादा उम्र वाली महिलाओं के जब पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं तो उसे मोनोपॉज के नाम से जाना जाता है. मोनोपॉज हर महिला को होता है. मोनोपॉज के वक्त महिलाओं में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

दरअसल मोनोपॉज के वक्त अंडाशय एस्ट्रोजन का उत्पादन बंद हो जाता है जिससे महिला के शरीर में तेजी से बदलाव होते दिखाई देते हैं. महिला को अंदर से ही नहीं बल्कि बाहरी रूप से भी बदलाव महसूस होते हैं. हालांकि ये आम बात है लेकिन मोनोपॉज की वजह से महिलाओं के शरीर में सबसे ज्यादा कैल्शियम की कमी हो जाती है. हाथ-पैरों और जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है. जिन महिलाओं को सिर दर्द की समस्या होती थी उनका सिर दर्द और ज्यादा बढ़ जाता है.

इतना ही नहीं महिलाओं के त्वचा पर झुर्रिंया भी इसी वजह से आती हैं. एक तरह से मोनोपॉज बुढ़ापे का संकेत देता है. ऐसे में महिलाओं को अपने खाने पीने का खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उन्हें कमजोरी भी महसूस होने लगती है.

मोनोपॉज के कारण महिलाओं को हार्ट अटैक भी खतरा भी बढ़ जाता है. कई बार 45 की उम्र के बाद जब 2,3 महीने के लिए पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं तो महिलाएं मोनोपॉज को लेकर खुश हो जाती हैं, लेकिन आपको बता दें जब 12 महीने तक लगातार पीरियड्स नहीं होते हैं तब मोनोपॉज का अंदाजा लगाया जा सकता है वरना प्रेग्नेंसी के भी संकेत हो सकते हैं.

 

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