उत्तराखंड- EX CM बकाया मामले में हाईकोर्ट ने पूछा कोश्यारी को क्यों नहीं बनाया पक्षकार? तो मिला ऐसा जबाव

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उत्तराखंड में राजभवन ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. इस अध्यादेश के अनुसार अभी तक के पूर्व मुख्यमंत्रियों को ही सरकार द्वारा सरकारी किराया, वाहन जैसी कई सुविधाएं दी जायेंगी, जबकि भविष्य के मुख्यमंत्रियों को ऐसी कोई सुविधा नहीं दी जायेगी. ऐसे में कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को राहत की सांस भी मिली हैं, लेकिन दूसरी तरफ दूसरे अध्यादेश ने इसके खिलाफ विरोध किया और ऐसा फैसले को हाटने की मांग रखी है. जिसकी आज सुनवाई हुई लेकिन उसमें सिर्फ भगत सिंह कोश्यारी को ही पक्षपात नहीं बनाया गया. यह बात चीफ जस्टिस (Chief Justice) को बताई गई तो उन्होंने कोश्यारी को पक्षकार न बनाए जाने का कारण पूछा जिसके बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कोश्यारी को पक्षकार बनाने के लिए समय मांगा.
दरअसल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को महाराष्ट्र (Maharashtra) का राज्यपाल (Governor) बनाने के बाद उनको पक्षकार नहीं बनाया गया, लेकिन जस्टिस ने इसके लिए समय मांगा. इस पर 16 सितंबर को फिर से सुनवाई हो सकती है.
याद हो, 3 मई 2019 को हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं की बकाया वसूली के मामले पर फैसला दिया था. अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि सभी पूर्व मुख्यमंत्री 6 महीने के अंदर सभी सुविधाओं का बाज़ार भाव से पैसा जमा करेंगे. ऐसा न किए जाने पर राज्य सरकार को इनसे वसूली की कार्रवाई करने की बात कही थी.

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