प्रेग्नेंट महिला के इस तरह से लेटने से गर्भ में ही बच्चे का वजन तीन गुना बढ़ जाता है, खतरे से बचने के लिए यहां जरूर पढ़ें

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प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला के दिमाग में अपने बच्चे को लेकर तरह-तरह के विचार बन रहे होते हैं, कि जाने उसका बच्चा कैसा पैदा होगा. वैसे तो हर मां चाहती है कि उसका बच्चा सुंदर, बुद्धिमान और सबसे अलग विचार रखने वाला हो. ऐसा बच्चे की चाह रहने वाली महिलाएं प्रेग्नेंसी में अपना टाइम टेबिल बदल लेती हैं. किताबो और नेट पर ट्रिक खोजती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना उनके लिए अच्छा हो सकता है. देखा जाए तो वो खाने-पीने से लेकर पहनने-ओढ़ने तक का पूरी तरह से ध्यान रखती हैं लेकिन शायद वो अपने सोने के तरीके पर गौर नहीं कर पाती हैं जो उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए मुसीबत बन सकता है.

जी हां…एक शोध में पता चला है कि प्रग्नेंसी के अंतिम महीनों में महिला का पीठ के बल सोना 10 सिगरेट पीने जितना खतरनाक हो सकता है. गर्भवती महिलाओं का ये तो पता होता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा देर तक खड़ा होना उनके लिए नुकसान साबित हो सकता है लेकिन गलत तरह से लेटना भी किसी बड़े नुकसान से कम नहीं है.

शोधर्कताओं का कहना है कि जो महिला आखिरी महीने में पीठ के बल ज्याद लेटती है उसके गर्भ में ही बच्चे का वजन 3 गुना बढ़ जाता है. इतना ही नहीं कभी-कभी भारी नुकसान होने का खतरा भी बन जाता है, क्योंकि पीठ के बल लेटने पर मां के बड़े हुए गर्भ आकार की वजह से गर्भ नाल संकुचित हो जाती है. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को दाएं या बाएं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए.

प्रेग्नेंसी के दौरान महिला जितना ही अपने खाने-पीने का ध्यान देगी उसका बच्चा उतना ही बुद्धिमान, फुर्तिला और स्वस्थ्य पैदा होता है. प्रेग्नेंसी के दौरान हल्का-फुल्का व्यायाम करने से भी बच्चा और मां बीमारियों से दूर रहती हैं. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को बाहर का खाना ना खाकर घर में ही पौष्टिक आहार, फल और हरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए.

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