इन 4 चीजों के बिना अधूरी है करवाचौथ की पूजा, सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए जरूर ध्यान दें

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आज करवाचौथ को लेकर बाजारों से लेकर घरों में अलग ही रौनक दिखाई दे रही हैं. सुहागिन महिलाएं से लेकर कुंवारी लड़कियां तक करवाचौथ के लिए तैयारियों में जुटी हैं. पति की लंबी उम्र और चांद का दीदार करने के लिए महिलाओं ने अपने सजने-सरवने के लिए साड़ी, लहंगा से लेकर चूड़ी और श्रृंगार की पूरी खरीदारी कर ली है और तो और बाजारों में महेंदी लगवाने के लिए महिलाओं की लंबी लाइनें भी लगी हैं. बाजार की इस रौनक से पता चलता है कि हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए करवाचौथ का व्रत कितना माइने रखता है.

 

अपने पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं ना केवल पूरा दिन निर्जला व्रत रखती हैं बल्कि इस व्रत में वो ऐसी-वैसी गलती करने से भी बचती हैं, जिससे उनके पति पर कोई परेशानी ना आये. अब ये व्रत खासतौर पर पति के लिए होता है तो महिलाएं श्रृंगार करने से लेकर पूजा की थाली को सजाने तक में कोई गलती नहीं करना चाहती हैं. पूजा की हर एक चीज के साथ अपना व्रत पूरा करती हैं लेकिन क्या आपको बता है कि पूजा की थाली में जब तक ये सात चीजें ना हो तब तक पूजा अधूरी रहती है.

सींक- मां करवा की शक्ति का प्रतीक-

करवाचौथ की पूजा में सबसे बड़ा महत्व सींक का ही होता है. ये सींक मां करवा की उस शक्ति का प्रतीक है जिसके बल पर उन्होंने यमराज के सहयोगी भगवान चित्रगुप्त के खाते के पन्नों को उड़ा दिया था.

करवा का प्रतीक-

करवा माता का नाम है. इनके अलावा करवा उस नदी का नाम है जिसमें मां करवा के पति के पैर को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था. पूजा में खूबसूरत करवे को जरूर शामिल करें.

करवा माता की तस्वीर-

करवाचौथ पर करवा मां का नया कलंडर या तस्वीर लाकर उनकी पूजा करनी चाहिए. करवा मां की तस्वीर अन्य देवियों से अलग होती है.

दीपक-

करवाचौथ पर दीपक को भी जरूर शामिल करना चाहिए. मां करवा के पास घी का दीपक जलाने के बाद चांद की पूजा भी दीपक से करनी चाहिए. वैसे दीपक हमारे ध्यान को केंद्रित कर एकाग्रत बढ़ाता है. साथ ही इस पूजा में दीपक की लौ, जीवन का प्रतीक होती है.

छलनी है पति को देखने के लिए-

करवाचौथ की पूजा में छलनी का इस्तेमाल भी जरूर करना चाहिए. वीरवती की कथा के अनुसार, अपनी बहन के प्रेम में वीरवती के भाइयों ने छलनी से चांद का प्रतिविंब बनाया था और उसके पति के जीवन पर संकट आ गया था, वैसे कभी कोई हमें छल न सके.

थाली में रोली, वंदन के अलावा चूड़ा, प्रसाद और दही से करवा मां की तस्वीर पर चढ़ाया जाता है. इसके साथ में पूड़ी का भोग भी लगाया जाता है. इन सभी सामाग्री से पूजा की थाली को पूरा करके ही अपना करवाचौथ का व्रत पूरा करें.

 

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