बेटे की लंबी उम्र के लिए मां ने रखा अहोई व्रत लेकिन पूजा में हो गई ऐसी गलती फिर…

1
54

पति की लंबी उम्र के बाद बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है जो करवाचौथ के तीसरे दिन मनाया जाता है. ठीक करवाचौथ के व्रत की तरह अहोई का व्रत रखा जाता है. इसमें माताएं सुबह से ही निर्जल व्रत रखकर शाम को तारों को अद्धय देकर व्रत खोलती है. जिन महिलाओं को अभी तक संतान का सुख नहीं मिला है वो 21 अक्टूबर 2019 यानि कल अहोई अष्टमी का व्रत रखकर फल प्राप्ति कर सकती हैं. ये व्रत वाकई में फलदायक माना जाता है इसलिए कई सारी महिलाएं अपने बेटों के लिए ये व्रत रखती हैं. अगर आप भी इस व्रत को रखने का मन बना चुकी हैं तो ध्यान रहे कि इन चीजों को भूलकर भी ना छुएँ.

शादी के बाद हर महिला संतान पाने की चाह रखती है ऐसे में अगर आप पहली बार मां बनने वाली हैं तो ये व्रत निर्जला रखें.

इस व्रत को रखने वाली महिलाओं को नहाने के बाद कभी झाडू लगाना, पोछा लगाना और कबाड़ बाहर निकालकर फेंकने वाला काम बिल्कुल नहीं करना चाहिए. सारी साफ-सफाई होने के बाद ही नहाना चाहिए.

पहली बार मां बनने वाली महिलाएं इस व्रत को रखते वक्त चांदी के दो मोती अपने गले में जरूर धारण करें, इससे संतान की तरफ से अच्छा परिणाम मिलता है.

ध्यान रहे कि इस पूजा में तांबे के लोटे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कई लोग पूजा में तांबे के लोटे से जल चढ़ाते हैं लेकिन इसमें करवाचौथ वाले करवे से सितारों को अर्ध्य देने का विधान है. इस पूजा में तांबे के लोटे को अशुभ माना जाता है.

अहोई अष्टमी का व्रत रखने वाली महिला को चाकू, कैंची आदि से इस दिन कुछ भी नहीं काटना चाहिए और न हीं सूंई धागे का प्रयोग करना चाहिए.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY