पीरियड्स की वजह से परेशान 1 करोड़ से ज्यादा लड़कियों ने लिया चौंकाने वाला फैसला, बोली-नहीं करना अब…

1
58

दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की लड़कियां भले ही अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक-दूसरे से खुलकर बात करने लगी हो लेकिन अभी भी कई शहर हैं जहां लड़कियां अपनी बहन से ही प्राइवेट बात करने में हिचकती हैं. हैरानी तो इस बात की है कि वो पर्सनल बात अपनी सहेलियों या बहनों से ना करने पर खुद तनाव में रहती हैं और उसके कारण वो अपनी पढ़ाई-लिखाई पर भी ध्यान नहीं दे पाती हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि 1 करोड़ से ज्यादा लड़कियां पीरियड्स की वजह से स्कूल छोड़ देती हैं.

जी हां…एक सर्वे से पता चला है कि 1 करोड़ से अधिक लड़कियां अपने पीरियड्स की वजह से स्कूल नहीं जा पाती हैं. सर्वे में जब लड़कियों से स्कूल ना आने की वजह से सवाल पूछे गये तो उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में पीरियड्स के बारे में उन्हें कुछ पता नहीं होता है जिसकी वजह से वो तनाव और परेशान रहती हैं इसलिए स्कूल नहीं जाती हैं. 13 से 14 की उम्र में लड़कियों के मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं. ये उम्र ऐसी नहीं होती है कि वो मानसिक रूप से अपने आपको तैयार कर सकें, ऐसे में वो डरी हुई और सोच में रहती हैं.

इस उम्र में लड़कियों को उनकी सहेलियों से बात करने के लिए समय देना चाहिए. लड़कियों की मां या फिर उनकी  करीबी महिला को लड़कियों को मासिक धर्म के बारे में बातकर तैयार करना चाहिए, ताकि वो मासिक धर्म शुरू होने पर तनाव में ना रहे. इससे भी ज्यादा मासिक धर्म के वक्त अच्छे सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करना चाहिए. किसी भी दूषित कपड़े का इस्तेमाल करने बचें, क्योंकि इनसे खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY