इस यंत्र की वजह से देशभर में उत्तराखंड की जोरों-शोरों से चर्चा, केंद्रीय मंत्री ने कहा दिल्ली में भी लाएंगे

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उत्तराखंड सिर्फ अपनी खूबसूरती और खेलों के माध्यम से नहीं नामी राज्यों में एक है बल्कि कई महत्वपूर्ण कामों को करने के लिए भी उत्तराखंड का नाम लिया जाता है. आप यकीन नहीं कर सकते हैं जिस चीज को हटाने में पीएम मोदी से लेकर पूरा देश सोच में पड़ा है वो उत्तराखंड सरकार ने कर दिखाया. जैसा कि आप जानते हैं कि काफी समय से पॉलीथिन को खत्म करने की बात की जा रही है. प्लास्टिक इस्तेमाल करने वालो के खिलाफ सरकार ने जुर्माना लगाने का भी विचार किया लेकिन शायद हालात जस के तस बने हुए हैं.

लोगों की मजबूरी है कि उन्हें पॉलीथिन इस्तेमाल करना पड़ रहा है क्योंकि कुछ तरल सामान ऐसे होते हैं जिनके लिए पॉलीथिन की जरूरत पड़ती है. वहीं दूसरी तरफ सरकार भी मजबूर है कि आखिर वो वेस्ट प्लास्टिक को लेकर कहां जाए. ऐसा कहा जाता है कि प्लास्टिक को दोबारा से इस्तेमाल में नहीं लिया जा सकता है इसलिए सरकार प्लास्टिक हटाने का कब से अभियान चला रही है. हालांकि बजारों में प्लास्टिक की बिक्री कम हो गई है लेकिन मजबूरी के चलते लोगों को इस्तेमाल करना पड़ता है और जितनी प्लास्टिक इस्तेमाल होती है उसको दोबारा से इस्तेमाल में लेने के लिए उत्तराखंड ने नया उपाय निकाला है.

दरअसल देहरादून में करीब तीन साल से वेस्ट प्लास्टिक से डीजल बनाया जा रहा है. भारतीय पेट्रोलियम संस्थान रोज एक टन वेस्ट प्लास्टिक से 800 लीटर डीजल बनाने का काम कर रही है. उत्तराखंड के इस काम की चर्चा लोकसभा में हुई. जिसमें केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने लोकसभा में कहा कि इस खास यंत्र को दिल्ली में भी लाएंगे, जहां सबसे ज्यादा प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है. अगर ऐसा हुआ तो वाकई में भारत की सबसे बड़ी परेशानी खत्म हो जाएगी.

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