महिला डॉक्टर के आरोपियों को पुलिस ने 48 घंटे के अंदर ऐसे ढूंढ निकाला था, टायर मैकेनिक ने बताई चौंकाने वाली बात

1
35

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत करने वाले आरोपियों के खिलाफ देशभर में आक्रोश फैला हुआ है. हर कोई उन्हें भी जिंदा जलाने की मांग कर रहा है. आरोपियों के साथ ही लोग लापरवाह कानून को लेकर भी गुस्से में हैं. लोगों का मानना है कि जब आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है फिर उन्हें सजा क्यों नहीं सुनाई जा रही है. वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है जब आरोपियों को सजा देने में इतनी लापरवाही की जा रही है. हैरानी की बात तो ये है कि इन आरोपियों को सिर्फ 48 घंटे के अंदर ही ढूंढ निकाल लिया गया था उसके बाद भी इन्हें सजा नहीं सुनाई गई है. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों को ढूंढना आसान नहीं था अगर टायर मैकेनिक नहीं मिलता.

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक जब मृतका की बहन ने बताया कि प्रियंका रेड्डी की स्कूटी खराब हो गई थी. इस बयान के आधार पर पुलिस ने ट्रोल प्लाजा पर जाकर छानबीन की. उसके बाद वहां के पास वाले टायर मैकेनिक को ढूंढा. टायर मैकेनिक ने बताया कि रात में एक शख्स लाल रंग की स्कूटी लेकर तो आया था. मैकेनिक ने ये भी बताया कि वो शख्स देखने में अंजान लग रहा था और उसने बाद में पास के पेट्रोलपंप से पेट्रोल और डीजल लिया था.

वहीं पुलिस पेट्रोल पंप पर जाती है तो पेट्रोल पंप के लोग बताते हैं कि शख्स अंजान लग रहा था इसलिए पेट्रोल, डीजल देने से मना कर दिया था लेकिन वो फिर कहीं आगे से ले आये थे. उसके बाद पुलिस ने टोल प्लाजा के पास बनी एक फैक्ट्री के बाहर कैमरे में देखा. जिसमें शख्स स्कूटी ले जा रहा था साथ ही एक ट्रक भी खड़ा दिखाई दिया.

अंधेरे की वजह से पुलिस को ट्रक का नंबर नहीं मिला था. जिसके बाद उन्होंने गौर से देखा कि ट्रक एक दिन पहले दिन से खड़ा है. फोटो आगे पीछे करने के बाद ट्रक का नंबर मिला. पुलिस ने ट्रक के मालिक से संपर्क किया तो ट्रक मालिक ने बताया कि ये उसकी का ही ट्रक है और इसे आसिम चलाता है. ट्रक मालिक ने आसिम का नंबर लिया और कॉल किया. आरोपी का फोन नंबर बंद था, लेकिन लोकेशन के चलते पुलिस आरोपी तक पहुंची और रंगे हाथों उसे दबोच लिया. उस आरोपी से ही बाकी के तीन आरोपी भी पकड़े गये.

आपको बता दें, 28 नवंबर को हैदराबाद की रहने वाली सरकारी वेटनरी डॉक्टर के साथ दरिंदगी कर चार आरोपियों ने दर्दनाक घटना को अंजाम दिया था. आरोपियों ने 1 दिन पहले ही घटना की प्लानिंग की थी. एक दिन पहले से ट्रक घटनास्थल पर खड़ा हो गया था. दूसरे दिन महिला डॉक्टर ने अपनी स्कूटी टोल प्लाजा पर खड़ी की और फिर वहां से कैब से आगे तक गई थी. वापस लौटने पर महिला डॉक्टर ने देखा कि स्कूटी पंचर है जो आरोपियों ने हवा निकालकर कर दी थी. स्कूटी ठीक करवाने के बहाने आरोपी महिला को आगे तक ले जाते हैं और वहां झांड़ियो में ढकेलकर रेप, हत्या और फिर शव को पेट्रोल, डीजल छिड़कर जला देते हैं.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY