वो गिड़गिड़ाती रही, लोग छू-छूकर बोली लगाते रहे लेकिन कोई घर नहीं ले जा पाया, वजह जरूर जानिए

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वो रोती रही और भीड़ उस 16 साल की लड़की को छू-छूकर बोली लगाती रही. ठीक वैसे ही जैसे बाजार में कोई सामान खरीदा जा रहा है. फर्क इतना था कि ये सामान में जान नहीं थी और इस लड़की में जान ऊपर-ऊपर से थी अंदर की जान मर चुकी थी, इसलिए लड़की अपने आंसूओं को निकलने दे रही थी लेकिन पोछ नहीं रही थी. रो-रोकर लड़की की आंखें लाल पड़ गईं थीं लेकिन लोग उसके घर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहे थे, शायद आपको ये कोई फिल्मी सीन लग रहा होगा, लेकिन आपको बता दें, कि यूपी के बुलंदशहर की सच्ची घटना है जिसने 7 साल पहले अग्निपथ फिल्म को रियलिटी में दोहरा दिया है.

जी हां…जिस तरह से फिल्म अग्निपथ में एक लड़की को खड़ा करके उसकी बोली लगाई जाती है. वैसे ही बुलंदशहर में भी इस लड़की की बोली लगाने वालो की भीड़ इक्ट्ठा हो गई थी. लड़की को घर ले जाने वालो में से 20 साल से लेकर 80 साल के युवक मौजूद थे. लड़की किस्मत अच्छी थी कि बोल लगने के बाद भी उसे घर कोई नहीं ले पाया और वो शायद उसे सही ठिकाना मिल गया हो…

जिस वक्त लड़की की बोली लग रही थी उस वक्त मौके पर पुलिस पहुंच गई और फिर क्या भगदड़ मच गई. पुलिस को देखते ही लड़की के चेहरे पर मुस्कान आ गई. लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे बेचा जा रहा है. लड़की ने बताया कुछ साल पहले उसकी मां की मौत हो गई थी. उसके बाद उसकी सौतेली मां ने उसे बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 50 हजार रुपये में एक महिला के हाथ बेच दिया था.

ये महिला भी उसे बेचने के लिए बोली लगवाने लाई थी. महिला ने गांव में लड़की की बोली लगवाने की खबर फैलवाई, जिसे सुनते ही गांव में भीड़ इक्ट्ठा हो गई. 16 साल की लड़की से शादी करने के लिए बुजुर्गों की भी लाइन लगी थी. एक शख्स ने 80 हजार तक की बोली लगा दी थी और आगे बोली लग ही रही थी, तब पुलिस ने पहुंचकर लड़की को अपनी हिरासत में लिया और उस महिला समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया.

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