इस सब्जी वाले ने कूड़े के ढेर से जिस बच्ची को उठाया था, उसने 25 साल बाद ऐसे चुकाया कर्ज

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कहते हैं ना कि पैदा करने वाले से पालने वाला बड़ा होता है, आज ये कहानी सच भी साबित हो गई. जब झाड़ियों में पड़ी छोटी सी बच्ची चीख-चीखकर रो रही थी. जिस मासूम की आवाज को कोई नहीं सुन पा रहा था उस मासूम को एक सब्जी बेचने वाले व्यक्ति ने गोद में उठाकर गले लगाया. हैरानी की बात तो ये कि 30 साल का सब्जी बेचने वाला व्यक्ति बिना शादीशुुदा है. पूरे दिन सब्जी का ठेला लगाकर अपना पेट भरता है. उसके बाद 25 साल बाद इस लड़की ने सब्जी वाले का जिस तरह से कर्ज चुकाया वो देखकर आप भी ऐसी बेटियों को सैल्यूट करेंगे.

बेटी को कूढ़े से उठाकर सब्जी वाले ने उसकी सारी खुशियां पूरी करने का फैसला लिया. सब्जी वाले ने अपनी हैसियत में बेटी को पढ़ाया-लिखाया. सब्जी वाले ने बेटी का नाम ज्योति रखकर उसकी इस कदर सेवा की कभी उस लड़की को ये महसूस नहीं होने दिया कि वो उनकी बेटी नहीं है. सब्जी वाला जो भी कुछ अपनी कमाई में बचाता था वो सब बेटी की पढ़ाई में लगा देता था.

ज्योति पढ़ाई में इतनी होशियार थी कि उसने 2013 में कंप्यूटर साइंस से स्नातक की पढ़ाई भी पूरी कर ली थी. उसके बाद असम लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दी, जहां ज्योति ने कामयाबी हासिल कर सहायक आयुक्त के पद पर पहली पोस्टिंग मिली. ज्योति की ये कमायाबी देख आज पूरा गांव उस सब्जी वाले की तारीफ कर रहा है, साथ ही ज्योति भी अपने पिता की हर ख्वाहिश पूरी कर रही हैं.

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