शनि की टेढ़ी चाल करेगी इन 6 राशियों को परेशान, बचने के लिए करें ये उपाय

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भारतीय ज्योतिष के अनुसार, शनि ग्रह मानव जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करता है। शनि हर ढाई साल में राशि बदलता है, वहीं समय-समय पर वक्री भी होता है। इसे शनि की टेढ़ी चाल कहते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, वर्तमान में शनि धनु राशि में है। 18 अप्रैल से शनि धनु राशि में ही वक्रीय हो जाएगा। शनि की यह स्थिति 6 सितंबर तक रहेगी। 

इन राशियों पर है शनि का प्रभाव
शनि के वक्रीय होने के कारण जिन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढय्या का प्रभाव है, उन्हें और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय धनु, वृषभ और कन्या पर शनि की ढय्या व वृश्चिक, धनु और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए आगे बताए गए उपाय करें-

पहला उपाय
शनिवार को कुष्ठ रोगियों को भोजन करवाएं व उन्हें जूते-चप्पल, कंबल, तेल, काल छाता आदि का दान करें।

दूसरा उपाय
शनिवार को एक काले कपड़े में काले उड़द, सवा किलो अनाज, कोयला व लोहे की कील लपेटकर नदी में बहा दें।

तीसरा उपाय
प्रत्येक शनिवार को राजा दशरथ द्वारा रचित शनि स्त्रोत का पाठ करें।

चौथा उपाय
शनिवार की सुबह पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक लगाएं। इससे भी शनि दोष में कमी आती है।

पांचवा उपाय
तेल शनिदेव को बहुत प्रिय है। प्रत्येक शनिवार को शनि प्रतिमा पर सरसो का तेल चढ़ाएं और दीपक भी लगाएं।

छठा उपाय
किसी ज्योतिषी से पूछकर अपनी रिंग फिंगर में नीलम रत्न पहनें।

सातवा उपाय
किसी शनिवार को शनि यंत्र की स्थापना अपने घर में करें और रोज इसकी पूजा करें।

आठवा उपाय
शनिदेव के 108 नामों का पाठ करें।

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