उत्तराखंड- पतंजलि में हो रहा ऐसा क्लीनिकल ट्रायल जो आज तक दुनिया में कहीं नहीं हुआ

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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा पतंजलि को इस  क्लीनिकल ट्रायल के लिए एनएबीएल प्रमाणपत्र मिल गया है. आपको बता दें ये प्रमाण पत्र सिर्फ एलोपैथिक अनुसंधानशालाओं को ही दिया जाता था लेकिन पहली बार पतंजलि संस्था को भी मिल है. शास्त्रों में वर्णित दवाएं रोगी पर कैसे काम करती हैं, इसका पूरा ब्योरा रखा जा रहा है. साथ ही दो, तीन और चार जड़ी बूटियों को मिलाकर नए योग, मिश्रित औषधि और भस्म तैयार की जा रही है. इसे रिवर्स फार्मा के नाम से भी जाना जाता है.
आचार्य का कहना कि इन दवाओं के प्रयोग गंभीर रोगों से ग्रसित पशुओं पर किए गए और लगभग शत प्रतिशत सफलता प्राप्त की गई। पतंजलि अनुसंधानशाला बायोसेल्फ लेबल थ्री स्तर की है और अब इन आयुर्वेदिक कम्पाउंड्स का प्रयोग दुनिया भर से एकत्रित मुनष्यों की कोशिकाओं पर भी किए जा रहा है.

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