दोषी करार देने के बाद आसाराम की तबियत बिगड़ी, कोर्ट ने कहा-नहीं भेज सकते अस्पताल

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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर की स्पेशल कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार दिया है। आरोप साबित होने के बाद आसाराम ने तबियत बिगड़ने की शिकायत कर अस्पताल ले जाने की मांग की। लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। सजा का ऐलान कुछ देर में हो सकता है। ऐसा अनुमान है कि आसाराम को 10 साल की सजा हो सकती है। कोर्ट में दोषी करार दिए जाने के बाद आसाराम ने कम सजा की मांग की। उसने कहा कि उम्र को देखते हुए उसे कम से कम सजा दी जाए।

रेप केस में आसाराम के साथ आश्रम की वॉर्डन शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता (सेविका) और शरदचंद्र उर्फ शरतचंद्र को भी कोर्ट ने दोषी माना है। जबकि आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा उर्फ सवाराम और आश्रम के रसोइये प्रकाश द्विवेदी को बरी कर दिया गया है।

साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद आसाराम के खिलाफ अपनी ही शिष्या से दुष्कर्म करने का आरोप है। ​पॉक्सो एक्ट के तहत ये पहला बड़ा फैसला होगा। केस के फैक्ट से लगता है कि आसाराम को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है, प्रावधान उम्रकैद तक का है। फैसले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में हिंसा नहीं होनी चाहिए। इन राज्यों में आसाराम के अनुयायी काफी संख्या में हैं।

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