उत्तराखंड में प्रापर्टी डीलर से पुलिसकर्मियों ने की करोड़ों की लूटमार, 9 दिन बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी

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उत्तराखंड में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से पहले ही राजपुर रोड पर 4 अप्रैल की रात प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार के हाथ से नोटों से भरे बैग को पुलिसकर्मियों ने छीन लिया. ये वहीं पुलिसकर्मी बताये जा रहे हैं जो बीजेपी की रैली में ड्यूटी के लिए लगाये गये थे, लेकिन जांच होने पर इस ग्रुप में एक कांग्रेस नेता का नाम भी सामने आया है. प्रापर्टी डीलर के हाथ में नोटों से भरे बैग में करीब करोड़ों रुपये बताये जा रहे हैं. हैरानी की बात तो ये है कि करोड़ों रुपये लूट हो चुकी हैं और इस मामले को 9 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में सवाल उठाये जा रहे हैं कि पुलिसकर्मियों के बचाव के लिए इतने दिन लगाये जा रहे हैं.

 

 

4 अप्रैल को पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल अजय रौतेला की कार में सवार होकर तीन पुलिसकर्मियों ने डीलर की कार शिकार बनाया और जैसे डीलर अपनी कार में घुसने को हुआ वैसे ही तीनों पुलिसकर्मी डीलर के हाथ नोटों से भरा बैग लेकर आईजी की कार से रफा-दफा हो गये. चुनाव के दौर में पुलिसकर्मियों द्वारा लूटमार का ये मामला और ज्यादा गर्माता जा रहा है. इतने पैसे कहां से आये और कहां जा रहे थे और अभी कहां हैं इसका अभी तक कुछ नहीं पता चल पाया है लेकिन बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे को आरोपी समझ रही हैं, लेकिन असली आरोपी कौन हैं अभी तक सच सामने नहीं आया है.

 

 

पीड़ित व्यक्ति को ना ही आरोपी पुलिसकर्मियों की गाड़ी का नंबर मालूम और ना ही पहचान. फुटेज में भी लाइट की वजह से गाड़ी का नंबर सामने नहीं आ पाया था. जांच के बाद पता चला कि मामले में उत्तराखंड पुलिस दरोगा दिनेश नेगी, डीआईजी का ड्राइवर हिमांशु और सिपाही मनोज शामिल थे. इन तीनों आरोपियों ने आईजी गढ़वाल की सरकारी गाड़ी स्कॉर्पियों का इस्तेमाल किया था. इन तीनों आरोपियों को सस्पेंड तो कर दिया गया, लेकिन अभी तक गिफ्तार क्यों नहीं किया गया इसको लेकर राजनीति तेज होती जा रही है.

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