महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रहा है बांझपन का खतरा, इन कारणों से हो जायें सावधान

1
41

आजकल की बिजी लाइफ में सिर्फ पुरुषों को ही नहीं थकावट, तनाव और मोटापे जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है, बल्कि महिलाओं की अब कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगी हैं. महिलाओं की सबसे महत्पूर्ण समस्या हर महीने होने वाला पीरियड्स हैं और शादी के बाद बच्चा पैदा करने में दिक्कत…अक्सर ज्यादा काम की वजह से महिलाओं के पीरियड्स नियमित या मिस होने लगते हैं और शादी के बाद बांझपन की समस्या भी आने लगती है. एक रिपोर्ट के माध्यम से पता चला है कि आजकल महिलाओं में बांझपन की समस्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है. इस समस्या में महिलाओं को कई तरह के संकेत मिलते हैं जिन्हें महिलाओं नजरअंदाज करती हैं अगर आपको भी ऐसे संकेत मिलते हैं तो फौरन ही डॉक्टर की सलाह लें.

हार्मोनल असंतुलन- 

हार्मोनल असंतुलन के कारण महिलाओं में कंसीव नहीं हो पाता है और वो मां नहीं बन पाती हैं. जब हार्मोनल असंतुलन होने की वजह से अंडाशय से अंडा नहीं निकल पाता है तो महिला बांझपन की शिकार हो जाती है.

देर से शादी करने पर-

आजकल के समय में लड़कियां शादी बाद में पहले अपने करियर को बनाने में जुट जाती हैं. करियर बनाते-बनाते उनकी उम्र निकल जाती है तब तक बच्चा पैदा करने की क्षमता भी खत्म होने लगती है. पहले महिलाएं करीब 40 उम्र तक में बच्चा पैदा करने में कंसीव कर पाती है लेकिन अब 35 की उम्र भी महिलाएं कंसीव नहीं कर पाती हैं.

मोटापा-

अगर आप अपने बढ़ते वजन को कम नहीं कर पा रही हैं तो आप बांझपन को बुलावा दे रही हैं. कई महिलाएं मोटापा कम करने के लिए कई तरह की दवाईयां खाती हैं जो बच्चा पैदा करने पर कंसीव नहीं कर पाती हैं.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY