गुजरात में अनोखी शादी, दूल्हे की शादी भी हो गई लेकिन किसी को नहीं दिखाई पड़ी दुल्हन, जानिए क्या था पूरा मामला

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ढोल-नगाड़ो के बीच जमकर ठुमके लग रहे हो, दूल्हा भी अपने रथ से उतरकर डांस करना शुरु कर देता है, मेहमानों की खातिरदारी के लिए एक से एक लजाबाव इंतजाम किये गये हो और लोग महफिल में खाने-पीने के साथ उन दो दिलों का इंतजार कर रहे थे जिन्हें मिलाने के लिए इस स्पेशल दिन को चुना गया था. शादी की रस्में पूरी हो गई लेकिन किसी को भी दुल्हन दिखाई ही नहीं दी सिर्फ दूल्हे और उसके परिवार के अलावा…

दरअसल गुजरात के हिम्मतनगर में एक दिव्यांग बेटे को बचपन से सपना था कि उसकी बारात निकले और लोग खूब नाचें. बेटा रोज अपने परिवार से एक ही सवाल पूछता था कि उसकी बारात कब निकलेगी, परिवार की आंखों में आंसू आ जाते थे ये सोचकर कि उससे कौन ही बारात करेगा. पिता ने दिव्यांग बेटे के सपने को पूरा करने के लिए अनोखी शादी की इंतजाम किया. इस अनोखी शादी बिना दुल्हन की थी.

आम शादियों का जिस तरह से इंतजाम किया जाता है इस पिता ने अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए वैसा ही इंतजाम किया. पिता ने बिना दुल्हन की शादी में करीब 2-3 लाख रुपये खर्च कर ठान से बारात निकाली. सभी मेहमानों को न्यौता दिया गया, बेटे के शाही कपड़े बनवाये और फिर शादी वाले दिन उसे घोड़ी पर चढ़ाया और पूरे गांव में बेटे को रथ पर बैठाकर घुमाया गया. पूरा गांव नाचते हुए वहां पहुंचा जहां खाने-पीने का इंतजाम था. इन सब खुशहाल पलों को कैद करने के लिए कैमरे लगवाये.

दिव्यांग और मानसिक रूप से कमजोर इस बेटे के पिता और चाचा ने बताया कि मुझे पता था उससे कोई लड़की शादी नहीं करेगी, इसलिए उसकी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए मैंने ये सब किया. जिसने भी इस अनोखी बारात का सुना हर कोई भावुक हो गया. पिता विष्णुभाई बरोत गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम में कंडक्टर के तौर पर सेवारत हैं.

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