बाजारों में नहीं चल रहा है 10 रुपये का सिक्का, बैंक ने भी लेने से किया इंकार

0
19
नोटबंदी के बाद से नोटो और सिक्कों को बड़े ही देखभाल के साथ लिया और दिया जा रहा है. नोट फटा होना तो दूर अब लोग नोट पर कुछ भी लिखा हुआ भी नहीं स्वीकार करते हैं. इतना ही नहीं बाजारों में 10 रुपये के सिक्के को लेकर बड़ी ही माथापच्छी हो रही है. अभी तक लोग 10 रुपये का सिक्का लेते वक्त उसके पीछे की ओर देखते हैं कि उसक पर रु का निशान बना है कि नहीं…अगर बना है तो स्वीकार करते थे और अगर नहीं बना है तो कूड़े की तरह एक साइड में डाल देते हैं. वहीं अब तो रु का निशान होना ना होना एक बराबर हो गया है, क्योंकि अब किसी भी निशान वाला 10 का  सिक्का स्वीकार नहीं किया जा रहा है.
ये हम नहीं बल्कि मणिपुर के लोगों का कहना है. लोग बाजार में अगर कुछ सामान खरीदने जा रहे हैं या फिर बस की सवारी कर रहे हैं तो उन्हें अपने बटुए में पड़े दस रुपये के सिक्के को अलग ही रख लेना है क्योंकि आपके 10 रुपये के सिक्के को ना ही तो किराने की दुकान वाला कोई व्यक्ति लेगा और ना ही बस वाला..लोगों का कहना है कि छोटे कारोबारी 10 के सिक्के को लेने से साफ मना कर दे रहे हैं.
किराने की दुकान वालो का कहना है कि ये सिक्के अब बैंक में भी नहीं ले रहा है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से नियमित स्पष्टीकरण हो चुका है. आरबीआई की इम्फाल शाखा की महाप्रबंधक ने इस गलतफहमी को दूर करते हुए से कहा, ’14 डिजाइन में आने वाला 10 रुपए का सिक्का नकली नहीं है और इसे बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि नोटबंदी के ढाई साल बाद भी लोग इसकी वैधता को लेकर संशय में हैं.

LEAVE A REPLY