मोदी ने कहा- किसी के गले से नहीं उतरेगी ये बात, मगर सच्चाई यही है 35 साल तक भिक्षा मांग कर खाया

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मोदी, मोदी….के नारें तो आप इन दिनों चारों तरफ सुन रहे होंगे. दोबारा जनता के भरोसे पर खरे उतरने वाले पीएम नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने भाषण को लेकर सुर्खियों में बने हैं. मोदी ने एक इंटरव्यू में राजनीति से लेकर अपने सफर को लेकर भी कई किस्से सुनाए. पीएम मोदी ने इंटरव्यू में ऐसी दिल छू जाने वाली बातें कहीं जिन्हें शायद ही जनता भूल सकती है.

पीएम मोदी के राजनीति किस्से तो आप हर रोज सुनते होंगे लेकिन आज आप वो किस्सा सुनिए जब पीएम मोदी 32 साल तक घर नहीं गये थे. पीएम मोदी ने बताया कि मैं घर छोड़कर चला गया था और 32 साल बाद तब घर लौटा था जब मेरे पिताजी का निधन हो गया था. पीएम मोदी ने बताया मैं बंधनों से मुक्त रहता हूं, ऐसे में जब 1995 के चुनाव में गुजरात में दो तिहाई बहुमत मिला तो मेरी पार्टी ने मुझे कहा कि तुम्हें कहीं और जाना है, तो मैं झोला उठा कर चंडीगढ़ चल गया और वहां भी पार्टी की सेवा करने लगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि शायद कोई यकीन नहीं करेगा, लेकिन मैंने 35 साल भिक्षा मांग कर खाना खाया है। मोदी ने कहा कि मैं कहीं भी बिना बताए चला जाता था और जहां खाना मिलता था, वहीं से खाकर आता था और अगर नहीं मिलता था, तो नहीं खाता। इसके साथ ही अगर पार्टी के काम में देरी हो जाती थी, तो मैं सिर्फ खिचड़ी बनाकर खाया हूं। पीएम मोदी ने कहा कि मैं 35 सालों तक भिक्षा मांग कर खाया हूं, तो आगे भी खुद बना के खा सकता हूं। मोदी ने कहा कि आरएसएस शाखा में मैं सुबह 5 बजे उठता है, जिसके बाद झाड़ू पोछा और फिर 5.45 पर सबको उठाना होता था, जिसके बाद नाश्ता भी खिलाता था.

पीएम मोदी आगे कहते हैं कि मेरी जिंदगी में एक ऐसा व्यक्ति है जिससे में हर बात शेयर करता हूं, मेरे ख्याल में हर व्यक्ति के पास ऐसे शख्स का होना जरूरी भी है, लेकिन मैं उस व्यक्ति का नाम नहीं बताऊंगा. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने त्याग किसी मजबूरी के चलते नहीं किया बल्कि हमेशा से मेरे अंदर त्याग की भावना रही है.

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