मारूति की कारों से गायब हो सकता है डीजल इंजन, ये है बड़ी वजह

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मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कारों से डीजल इंजल हटाने का प्लान बनाया है. गुड़गांव स्थित कारखाना डीजल इंजन लाइन को पेट्रोल इंजन या फिर मानेसर में बदलने की कोशिश में लगी है. ऐसा करने के पीछे एक वजह बढ़ती महंगाई भी है क्योंकि भारत में डीजल वाहनों की मांग में कमी आने पर डीजल के भाव बढ़ते जा रहे हैं और लोगों की जेब खाली होती जा रही है ऐसे में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने मारुति कारों से डीजल इंजर गायब करने की योजना बनाई है. इसके अलावा ऐसे बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से डीजल इंजन हटाना जरूरी पड़ गया है. अगर आप भी मारुति कारों से सफर करते हैं तो इससे जुड़ी पूरी जानकारी जरूर पढ़ें….

  1. दरअसल 1 अप्रैल 2020 से भारत में स्टेज VI (बीएस VI) उत्सर्जन मानदंड लागू होने के बाद डीजल कारों की बिक्री में तेजी से गिरावट आने की संभावना बताई जा रही है. ऐसे में बीएस VI में मौजूदा बीएस IV डीजल इंजनों को अपग्रेड करना उन्हें काफी महंगा बना देगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मारुति ने डीजल इंजन बंद करने की योजना बनाई है.
  2. वहीं दूसरी तरफ डीजल इंजन हटाने का एक कारण प्रदूषण भी है. पेट्रोल की तुलना में डीजल से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है जो लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है.
  3. डीजल कारों की तुलना में पेट्रोल कारों की ज्यादा बिक्री होती है, ऐसे में कंपनियां काफी घाटे में जा रही हैं. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के आंकड़ों की बात करें तो पेट्रोल कारों की बिक्री 60 प्रतिशत बढ़ी है वहीं डीजल कारों बिक्री 53 प्रतिशत से घटकर 40 प्रतिशत हो गई.

 

  1. मारुति में वरिष्ठ अधिकारियों का मानना ​​है कि मानेसर में डीजल इंजन निर्माण क्षमता आने वाले वर्षों में मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगी। इसके अलावा, मौजूदा इंजन असेंबली लाइन को बदलने में डेढ़ साल लग सकता है इसलिए डीजल इंजन में कमी तत्काल नहीं होगी।

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